बुद्धिमान् साधक राशि चक्र में गणना अपनी राशि से आरम्भ करे, अर्थात् अपनी राशि जिस गृह में हो वहाँ से गणना का आरम्भ होता है। यह गाना मन्त्र की राशि तक की जाती है। यदि अपनी राशि अज्ञात हो तो गणना अपने नाम की राशि से प्रारम्भ की जाती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।