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कुलार्णव • अध्याय 15 • श्लोक 69
बान्धवा नववार्णकाः स्युद्विषड्दश सेवकाः । वह्निरुद्रमुनयस्तु (पोषका) द्वादशाष्टकचतुरस्तु (घातकाः) ॥
नौ, पाँच ( = बाण) और एक खाने के वर्ण बान्धव हैं। दो, छः और दसवें खाने के वर्ण सेवक हैं। तीन (स्वाहा), ग्यारह (रुद्र) एवं सात (मुनि) खाने के वर्ण पोषक हैं। १२, ८, ४ खानों के वर्ण घातक हैं। अर्थात् ९, ५, १ खाने के वर्ण सिद्ध होते हैं। २, ६, १० खाने के वर्ण साध्य हैं। ३, ११, ७ खाने के वर्ण सुसिद्ध हैं। १२, ८, ४ खाने के वर्ण अरि मन्त्र होते हैं।
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