१. 'सिद्ध-सिद्ध मन्त्र जप द्वारा सिद्ध होता है। २. 'सिद्ध-साध्य' दूने जप से और ३. 'सिद्ध-सुसिद्ध' आधे जप से सिद्ध होता है। ४. 'सिद्धधारि' मन्त्र का जप करने से बन्धु-बान्धव का नाश होता है।
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