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कुलार्णव • अध्याय 15 • श्लोक 59
भक्ष्यं हविष्यं शाकादि विहितानि फलान्यपि । मूलं शक्तु यवानाञ्च शस्तान्येतानि मन्त्रिणाम् ॥
मन्त्रसाधकों को विहित शाक, फल, दूध सकरकन्द आदि मूल, सक्तु एवं यव आदि हविष्य का भोजन करना चाहिए।
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