जातसूतकमादौ स्यात्तदन्ते मृतसूतकम् ।
सूतकद्वयसंयुक्तो यो मन्त्रः स न सिध्यति ॥
आदि में जातसूतक और अन्त में मृतसूतक होता है। इन दोनो सूतकों से युक्त जो मन्त्र होता है वह सिद्ध नहीं होता।
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