जीर्णदेवालयोद्यानगृहवृक्षतलेषु च ।
नदीतडागकूपेषु भूच्छिद्रादिषु नो वसेत् ॥
जीर्ण देवमंदिर में, दग्ध वृक्ष के नीचे, नदी, तालाब, कुएँ और भू छिद्रों में वास न करे।
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