श्री देव्युवाच-
कुलेश श्रोतुमिच्छामि पुरश्चरणलक्षणम् ।
स्थानाहारादिभेदञ्च वद मे परमेश्वर ॥
श्री देवी ने कहा - हे कुलेश! मैं पुरश्चरण के लक्षण सुनना चाहती हूँ। हे परमेश्वर! स्थान एवं आहारादि के भेद मुझे बताइये।
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