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कुलार्णव • अध्याय 14 • श्लोक 85
विधवायाः सुतादेशात् कन्यायाः पितुराज्ञया । नाधिकारः स्वतो नार्या भार्याया भर्तुराज्ञया ॥
विधवा की दीक्षा पुत्र की अनुमति से, कन्या की पिता की अनुमति से और विवाहिता की पति की अनुमति से दीक्षा करे। स्त्रियों को स्वतः दीक्षा लेने का अधिकार नहीं है।
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