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कुलार्णव • अध्याय 14 • श्लोक 8
शक्तिसिद्धिसुसिद्ध्यर्थं परीक्ष्य विधिवद् गुरुः । पश्चादुपदिशेन्मन्त्रमन्यथा निष्फलं भवेत् ॥
शक्ति की सिद्धि को सुनिश्चित करने के लिये गुरु विधिपूर्वक शिष्य की परीक्षा लेकर तब उसे उपदेश करे अन्यथा मन्त्र निष्फल होता है।
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