गुरुशक्तिसुतानाञ्च यो वा स्यात् पूर्वदीक्षितः ।
गुरुवत्तेन ते पूज्या नावमान्याः कथञ्चन ॥
गुरुशक्ति और गुरुपुत्रों में, जो पहले दीक्षा पाये हुये हैं, वे गुरु के समान पूजनीय हैं। उनकी कभी अवमानना न करे।
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