द्विजो यो दीक्षितः पश्चादन्त्यजः पूर्वदीक्षितः ।
द्विजः कनिष्ठः स ज्येष्ठ इति शास्त्रार्थनिर्णयः ॥
जो द्विज अन्त्यज के बाद दीक्षित होता है, वह द्विज अन्त्यज से कनिष्ठ होता है और अन्त्यज ज्येष्ठ होता है, शास्त्र का यही निर्णय है।
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