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कुलार्णव • अध्याय 14 • श्लोक 74
येन पूजितमात्रेण चाब्रह्मभुवनान्तिकम् । पूजितं तेन सर्वं स्याद्दीक्षितेन न संशयः ॥
ब्रह्म से लेकर भुवन तक सभी दीक्षित द्वारा पूजा पाकर सब प्रकार से प्रसन्न होते हैं इसमें संशय नहीं है।
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