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कुलार्णव • अध्याय 14 • श्लोक 60
अन्तः शुद्धिर्बहिः शुद्धिर्द्विविधा परिकीर्त्तिता । अन्तरा च क्रियाशुद्धिर्बहिः शुद्धिश्च दीक्षया ॥
अन्तः शुद्धि और बहिः शुद्धि - ये दो कही गई हैं। क्रियाशुद्धि अन्तरा है और दीक्षा से बहिःशुद्धि होती है।
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