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कुलार्णव • अध्याय 14 • श्लोक 34
क्रियावर्णकलास्पर्शवाग्दृ‌मानससंज्ञया । दीक्षा मोक्षप्रदा देवि सप्तधा परिकीर्त्तिता ॥ समयाख्या विशेषा च साधिका पुत्रिकाह्वया । वेधका पूर्णसंज्ञा चाचार्या निर्वाणसंज्ञिका ॥
हे देवि! मोक्ष प्रदान करने बाली दीक्षा सात प्रकार कही गई है - १. क्रिया, २. वर्ण, ३. कला, ४. स्पर्श, ५. वागू, ६. दृङ् और ७. मानस संज्ञक है। इनके विशेष नाम क्रमशः ये हैं - १. समया, २. साधिका, ३. पुत्रिका, ४. वेधका, ५. पूर्णा, ६. चर्चा और ७. निर्वाण।
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