विना दीक्षां न मोक्षः स्यात्तदुक्तं शिवशासने ।
साच न स्याद्विनाचार्यमित्याचार्यपरम्परा ॥
शिव के शासन में यह कहा गया है कि दीक्षा के बिना साधक का मोक्ष नहीं होता और वह दीक्षा आचार्य परम्परा के बिना नहीं होती।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।