यथा वियद्गमः शीघ्रं फल एव निषीदति ।
तथा ज्ञानोपदेशश्च कथितः कुलनायिके ॥
हे कुलनायिके! जैसे आकाशगामी शीघ्र ही फल तक पहुँच जाता है, वैसे ही ज्ञानोपदेश की महिमा कही गई है।
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