श्री देव्युवाच-
कुलेश श्रोतुमिच्छामि परीक्षां गुरुशिष्ययोः ।
उपदेशक्रमं दीक्षाभेदांश्च वद मे प्रभो ॥
श्री देवी ने कहा - हे कुलेश! मैं गुरु और शिष्य की परीक्षा के सम्बन्ध में सुनना चाहती हूँ। साथ ही उपदेश का क्रम और दीक्षा के भेद भी मुझे बताइये।
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