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कुलार्णव • अध्याय 13 • श्लोक 76
शैवे गुरुत्रयं प्रोक्तं वैष्णवे गुरुपञ्चकम् । वेदशास्त्रेषु शतशो गुरुरेकः कुलान्वये ॥
शैव मत में तीन प्रकार के गुरु कहे जाते हैं। वैष्णव मत में पाँच और वेदशास्त्रों में सैकड़ों गुरु कहे गये हैं। किन्तु कुलशास्त्र में एक ही गुरु बताया गया है।
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