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कुलार्णव • अध्याय 13 • श्लोक 67
पूजाहोमाश्रमाचारतपस्तीर्थव्रतादिकम् । मन्त्रागमादिविज्ञानं तत्त्वहीनस्य निष्फलम् ॥
जो तत्त्व को नहीं जानता, उसकी पूजा, होम, आश्रमाचार, तप, तीर्थ, व्रतादि और मन्त्रागमादि का विज्ञान निष्फल होता है।
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