वर्णाश्रमकुलाचारनिरता बहवो भुवि ।
सर्वसङ्कल्पहीनो यः स गुरुद्देवि दुर्लभः ॥
वर्णाश्रम और कुलाचार में तत्पर गुरु पृथ्वी पर बहुत है किन्तु सभी सङ्कल्पों से रहित गुरु दुर्लभ है।
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