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कुलार्णव • अध्याय 13 • श्लोक 34
महामुद्रां नभोमुद्राम् उड्डीयानं जलन्धरम् । मूलबन्धञ्च यो वेत्ति स गुरुः परमो मतः ॥
१. महामुद्रा, २. नभोमुद्रा, ३. उड्डीयान, ४. जलन्धर और ५. मूल्बन्ध को जो जानता है, वह श्रेष्ठ गुरु है।
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