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कुलार्णव • अध्याय 12 • श्लोक 99
ब्रह्महत्याशतं कुर्यात् गुर्वाज्ञापरिपालनात् । विना गुर्वाज्ञया शिष्यौ विश्वसेन्नान्यशासनात् ॥
गुरुआज्ञा का पालन करने में सौ ब्रह्महत्या तक कर सकता है। गुरु की आज्ञा बिना अन्य किसी का विश्वास न करे।
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