भाषणं पाठनं गानं भोजनं शयनादिकम् ।
अनादिष्टो न कुर्वीत न चावन्दनपूर्वकम् ॥
बिना गुरु की आज्ञा पाये और बिना गुरु की बन्दना किए भाषण, पाठन, गायन, भोजन, शयन आदि न करे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।