अधः स्थिते गुरावूवें न तिष्ठेत कदाचन ।
न गच्छेदव्रतस्तस्य न तिष्ठेदुत्थिते गुरौ ॥
अधः आसन पर गुरु के बैठने पर कभी ऊपर न बैठे। गुरु के आगे न चले और उनके उठने पर बैठा न रहे।
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