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कुलार्णव • अध्याय 12 • श्लोक 7
दुराचारे दुरालापे दुःसङ्गे दुष्प्रतिग्रहे । दुराचारे च दुर्बुद्धौ स्मृता रक्षति पादुका ॥
दुराचार, दुरालाप, दुःसङ्ग, दुष्पतिग्रह, दुराहार और दुर्बुद्धि में फँसने पर स्मरण करने से पादुका रक्षा करती है।
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