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कुलार्णव • अध्याय 12 • श्लोक 33
लक्ष्मीनारायणौ वाणीधातारौ गिरिजाशिवौ । श्रीगुरुं गुरुपत्नीञ्श्ञ्च पितराविति चिन्तयेत् ॥
श्रीगुरु और गुरुपत्नी को लक्ष्मी, नारायण, सरस्वती, ब्रह्मा, गिरिजा, शिव तथा माता, पिता के रूप में ध्यान करे।
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