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कुलार्णव • अध्याय 12 • श्लोक 21
ब्रह्मविष्णुमहेशादिदेवतामुनियोगिनः । कुर्वन्त्यनुग्रहं तुष्टा गुरौ तुष्टे न संशयः ॥
गुरु के प्रसन्न होने पर ब्रह्मा, विष्णु, महेशादि देवता, मुनि और योगी प्रसन्न होकर अनुग्रह करते हैं, इसमें सन्देह नहीं।
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