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कुलार्णव • अध्याय 12 • श्लोक 121
इति ते कथितं किञ्चित् पादुकाभक्तिलक्षणम् । समासेन कुलेशानि किं भूयः श्रोतुमिच्छसि ॥
इस प्रकार संक्षेप में मैंने आपसे पादुकाभक्ति के लक्षण बताये। अब आप क्या सुनना चाहती है?
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