हे देवि! देवता और गुरु के समीप आसन पर न बैठे। गुरु को श्रेष्ठ आसन और ज्येष्ठ लोगों को उत्तम आसन प्रदान करे। छोटों को देश्यासन (पहले से नियत आसन) और दूसरों को अपने समकक्ष समासन दे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।