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कुलार्णव • अध्याय 11 • श्लोक 9
अस्नात्वाऽनासनस्थो वा भुक्त्वा वा प्रलपन्नपि । गन्धपुष्पाक्षता कल्पवस्त्राद्यैरनलंकृतः । अविन्यस्तशरीरो वा कुलपूजां न चाचरेत् ॥
स्नान किये बिना, या आसन पर बैठे बिना, या भोजन करके, या प्रलाप करते हुये, या गन्ध पुष्प, वस्त्रादि से अलंकृत हुये बिना, या शरीर में न्यास किये बिना कुलपूजा न करनी चाहिये।
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