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कुलार्णव • अध्याय 11 • श्लोक 88
तावन्न कौलिको देवि यावन्न समयीकृतः । देहपाते विमोक्षः स्यात् समयाचारपालनात् ॥
जब तक 'समयाचार' का पालन नहीं करता, तब तक साधक कौलिक नहीं होता। समयाचार का पालन करने से देहावसान होने पर मोक्ष मिलता है।
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