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कुलार्णव • अध्याय 11 • श्लोक 86
नाभिषेको न मन्त्रो वा न शास्त्रपठनादिकम् । कारणं कुलधर्मस्य सदाचारः कुलेश्वरि ॥
सदाचार की प्रधानता न अभिषेक, न मन्त्र और न शास्त्र का पढ़ना आदि कुलधर्म का कारण है किन्तु हे कुलेश्वरि! सदाचार ही कुलधर्म का कारण है।
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