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कुलार्णव • अध्याय 11 • श्लोक 8
नित्यार्चनं दिने कुर्याद्रात्रौ नैमित्तिकार्चनम् । उभयोः काम्यकर्माणि चेति शास्त्रस्य निर्णयः ॥
नित्यार्चन दिन में करे और नैमित्तिक अर्चन रात्रि में। दोनों ही काम्य कर्म हैं, यह शास्त्रनिर्णय है।
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