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कुलार्णव • अध्याय 11 • श्लोक 77
गुरुं प्रकाशयेद्धीमान् मन्त्रं यत्नेन गोपयेत् । अप्रकाशप्रकाशाभ्यां नश्यतः सम्पदायुषी ॥
बुद्धिमान गुरु को प्रकट करे, मन्त्र को यत्नपूर्वक गुप्त रखे। अप्रकाश्य को प्रकाशित करने से सम्पत्ति और आयु का नाश होता है।
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