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कुलार्णव • अध्याय 11 • श्लोक 68
श्रीचक्रकृतवृत्तान्तं शुभं वा यदि वाऽशुभम् । कदाचिन्नैव वक्तव्यमित्याज्ञा परमेश्वरि ॥
श्रीचक्र का वृत्तान्तादि का गोपन श्री चक्र के शुभ अशुभ वृत्तान्त को कभी नहीं कहना चाहिए, हे परमेश्वरि यह आशा है।
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