गुरुवाक्य को तोड़कर, वीरों का अपमान कर, गुरु को डाट फटकार कर, वीर को तर्क के द्वारा हराकर और कुलशास्त्रों की उपेक्षा कर ब्रह्मराक्षस होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।