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कुलार्णव • अध्याय 11 • श्लोक 59
प्रायश्चित्तं भृगोः पातं संन्यासं व्रतधारणम् । तीर्थयात्राभिगमनं कौलः पञ्च विवर्जयेत् ॥
१. प्रायश्चित, २. भृगुपात (पर्वत से गिर कर आत्महत्या), ३. संन्यास, ४. व्रतधारण, ५. तीर्थयात्रा - इन पाँच को कौल न करे।
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