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कुलार्णव • अध्याय 11 • श्लोक 52
आममांसं सुराकुम्भं मत्तेभं सिद्धिलिङ्गिनम् । सहकारमशोकञ्च क्रीडालोलाः कुमारिकाः ॥ एक्रवृक्षं श्मशानञ्च समूहं योषतामपि । नारीश्च रक्तवसनां दृष्ट्वा वन्देत भक्तितः ॥
कच्चा मांस, सुरा, कुम्भ, मत्त हाथी, सिद्धि चिह्न वाला आम और अशोक वृक्ष, क्रीडारत कुमारियाँ, (एक वृक्ष ?) श्मशान, स्त्रियों का समूह, रक्त वस्त्र नारी यदि दिखाई पड़ें, तो भक्तिपूर्वक उनकी बन्दना करे।
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