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कुलार्णव • अध्याय 11 • श्लोक 5
पूजामध्ये गुरौ ज्येष्ठे पूज्ये वापि समागते । नत्वा ब्रूयात् स्थितं शिष्टमाचरेत्तदनुज्ञया ॥
पूजा के मध्य में गुरु, ज्येष्ठ या पूज्य के आने पर बैठे ही बैठे उन्हें नमस्कार शिष्टाचार करे और उनकी अनुमति लेकर कार्य करे।
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