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कुलार्णव • अध्याय 11 • श्लोक 47
अश्रद्धधाना ये चात्र कुलधर्मे कुलेश्वरि । नरकान्नो निवर्त्तन्ते यावदाहृत संप्लवम् ॥
हे कुलेश्वरि! जो इस कुलधर्म में श्रद्धा नहीं रखते, वे प्रलय पर्यन्त नरक से छुटकारा नहीं पाते।
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