गुरुं नाम्ना न भावेत जपकालादृते प्रिये ।
श्रीनाथ देव स्वामीति विवादे साधने वदेत् ॥
हे प्रिये! जपकाल को छोड़कर गुरुदेव के नाम का उच्चारण न करे। 'श्रीनाथ, देव, स्वामी' - इन शब्दों से बातचीत में उनका उल्लेख करे।
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