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कुलार्णव • अध्याय 11 • श्लोक 30
सशब्दं न पिबेन्मद्यं तथैव न च पूरयेत् । नान्योन्यं ताडयेत्पात्रं तथा न पातयेदधः ॥
शब्द करते हुये द्रव्य का पान न करे और न ही पात्र को भरते समय शब्द करे। एक दूसरे के पात्रों को टकराये नहीं और न पात्र को नीचे गिराये।
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