यदि चेद्दीक्षितो ज्येष्ठः कुलपूजादिवर्जितः ।
तत्कनिष्ठः क्रमज्ञश्चेत् कुलपूजां समाचरेत् ॥
यदि दीक्षाप्राप्त ज्येष्ठ व्यक्ति कुलपूजा से वर्जित हो, तो कनिष्ठ होते हुये भी यदि क्रम का ज्ञाता हो, तो वही कुलपूजा करे।
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