उष्णीषी कञ्चकी नग्नो मुक्तकेशो गणावृतः ।
व्यत्रो रुष्टो विवादी च न सेवेत कुलामृतम् ॥
पगड़ीधारी, नग्न, खुले बाल वाला, अन्य जन से आवृत, व्याकुल, क्रुद्ध और झगड़ालू व्यक्ति कुलामृत का सेवन न करे।
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