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कुलार्णव • अध्याय 10 • श्लोक 99
लाकिनी श्रीकपालाढ्या पाशांकुशधरा सती । पाटलीपुष्पसङ्काशा सर्वाभरणभूषिता ॥
श्री कपाल से आढ्य, पाश एवं अंकुश धारण करने वाली, सती, पाटल के पुष्प के सदृश समस्त अलङ्कारों से विभूषित लाकिनी देवी का ध्यान करना चाहिए।
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