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कुलार्णव • अध्याय 10 • श्लोक 96
शक्तिदेहसमुत्पन्नं शक्तिनिर्माल्यभोजने । स्ववर्गेण समायुक्ता दत्तनिर्माल्यमित्यपि । प्रतिगृह्णयुगं स्वाहा इति निर्माल्यसर्जनम् ॥
शक्तिदेहसमुत्पन्नं शक्तिनिर्माल्यभोजने । स्ववर्गेण समायुक्ता दत्तनिर्माल्यं प्रतिगृहण प्रतिगृष्ण स्वाहा ।। इस मन्त्र से निर्माल्य प्रदान करे।
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