भक्तिपूर्वक गन्ध पुष्पादि से गणेश्वर का सम्यक् रूप से पूजन कर खीर, घी, चावल से युक्त नैवेद्य प्रदान करे। पूजन का मन्त्र इस प्रकार है - हसखफ्रें हसौं डां डीं डमलवरयूं श्रीपादुकां हसौं हसखफ्रें।
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