गुरुजन्मदिने प्राप्ते तद्गुरोस्तद्गुरोरपि ।
मानवौधादिपुंसाञ्च स्वजन्मदिवसे तथा ॥
गुरु, परम गुरु, परापर गुरु, मानवौघादि पुरुषों के और अपने जन्मदिन के अवसर पर पूजन करे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।