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कुलार्णव • अध्याय 10 • श्लोक 79
तस्मात् सर्वप्रयत्नेन सर्वावस्थासु सर्वदा । कुलपूजारतो भूयाद‌भीष्टफलसिद्धये ॥
अतः प्रयत्नपूर्वक (सुख दुःखादि) सब दशाओं में सदा कुलपूजा करनी चाहिये क्योंकि इससे अभीष्ट फल मिलता है।
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