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कुलार्णव • अध्याय 10 • श्लोक 70
केशवादि गणेशादि कामादि मिथुनानि च । श्रीकण्ठादि समभ्यर्च्य तत्फलं लभते ध्रुवम् ॥
श्रीकण्ठादि मिथुनों के समान केशवादि, गणेशादि और कामादि मिधुनों की पूजा करने से वैसा ही फल निश्चित रूप से मिलता है।
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